कसया, कुशीनगर


अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध नगरी कुशीनगर में मंगलवार को रामाभार स्तूप के सामने स्थित एक मंदिर की जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर पालिका के सफाईकर्मियों, बौद्ध अनुयायियों तथा आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते नोकझोंक में बदल गई। स्थिति बिगड़ने पर मामला थाने तक पहुंच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया।

घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह बघेल और अधिशासी अधिकारी (ईओ) अंकिता शुक्ला थाने पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित किया और आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पहल की।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुशीनगर में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों को 5 तारीख तक शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि 5 तारीख के बाद दोनों पक्षों को पुनः बुलाकर शासन-प्रशासन की मौजूदगी में जमीन विवाद का स्थायी समाधान कराया जाएगा।

वार्ता के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर राजी हो गए और एक-दूसरे से हाथ मिलाकर शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया।

थानाध्यक्ष कसया आशुतोष सिंह ने स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इस दौरान आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी, डॉ. राघवेंद्र सिंह, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अयोध्या भाई, तहज्जुब खान, विशाल भारती, रोशन प्रसाद, भुआल यादव, संतोष भारती, सुहैक अली, निखिल कुमार, सोनू सेवक, रवि सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।